Wednesday, 28 September 2016

जॉब चेंज कर ली. पीएफ ट्रांसफर करवाया क्या? नहीं? ये खास बातें जान लें, ताकि परेशानी न हो

  1. अगर आपने जॉब चेंज की है तो पीएफ ट्रांसफर करें या पैसा निकालें
  2. इसके लिए क्या हैं तरीके और ऐसा न करने पर क्या हो सकता है नुकसान
  3. पांच बातें जानें ताकि आप अपनी मेहनत की कमाई को न खोएं
नई दिल्ली: क्या आपने जॉब चेंज की है? या फिर जॉब छोड़कर अपना खुद का काम करने लगे हैं? यदि हां तो आपको अपने पीएफ यानी प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) के बारे में भी सोचना चाहिए. इसका आप क्या करने जा रहे हैं? क्या आप नई कंपनी में इसे ट्रांसफर करवाने जा रहे हैं? या फिर अपना पूरा पैसा निकाल लेने के बारे में सोच रहे हैं?

अपने ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) का पैसा ट्रांसफर करवाना या फिर निकालना, दोनों ही, थोड़ी थकाने वाली प्रक्रिया है. अगर आपने अब तक अपनी पिछली जॉब के पीएफ अकाउंट को लेकर कोई 'कॉल' नहीं ली है तो आपको यह लेख जरूर पढ़ना चाहिए... आखिर वह पैसा आपकी मेहनत की कमाई का हिस्सा है.
2. मान लीजिए कि आपके निष्क्रिय पड़े प्रॉविडेंट फंड अकाउंट में 1 लाख रुपया जमा है. यदि मान लें कि ईपीएफ पर दिया जाने वाला ब्याज 8.5 फीसदी रहता है, तो 10 सालों में यह रकम 2.26 लाख रुपए तक यानी दोगुनी से भी ज्यादा हो सकती है. ऐसे में यदि आपके पीएफ में यूं ही पैसा पड़ा है तो इसका मतलब है कि आप उतने समय तक ब्याज से होने वाली आमदनी गंवा रहे हैं.

3. वैसे यदि आपने नौकरी बदली है तो अपने यूएएन नंबर यानी यूनिवर्सल अकाउंट नंबर अपने नए नियोक्ता को बता दें. आपका नया नियोक्ता आपकी नई कंपनी के ईपीएफ अकाउंट में इस यूएएन नंबर को दर्ज कर देगा. यूएएन यूनीक नंबर होता है जो ईपीएफओ द्वारा प्रत्येक सदस्य को दिया जाता ताकि सदस्य के मल्टीपल पीएफ अकाउंट्स एक-लिंक हो सकें.

No comments:

Post a Comment