Thursday, 15 December 2016

बार-बार चौंका रहे हैं ट्रंप, अब ऐसे हो सकता है चीन से टकराव, बदलेगी दुनिया की तस्‍वीर?



क्या बदलने वाली है दुनिया की तस्वीर? डोनाल्ड ट्रंप की चाल से तो यही लगता है। हमारे राहुल गांधी भूकंप नहीं ला पाए, पर डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से भूचाल आ रहा है। उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी चौंकाया। अब भी चौंका रहे हैं। पहले मुसलमानों को अमेरिका में न घुसने देने की बात की, और बाद में आतंकवाद पर रुख अपनाया।
यही नहीं हम तब और चौंके जब चुने जाने के बाद उनकी नवाज़ शरीफ से बातचीत की ख़बर आई। पाकिस्‍तान ने पूरी दुनिया को बताया कि कैसे ट्रंप ने पाकिस्‍तान के वजीरे आजम से फोन पर कहा- पाकिस्तान महान देश है। पाकिस्तानी महान लोग हैं और दुनिया भर में नवाज़ के काम की चर्चा है। ट्रंप का चौंकाने का ये अंदाजा तो गजब ही था। यकीनन, इस खबर को दो से तीन बार पढ़ा, मैं ही क्‍या कोई भी पढ़ता। मन में आया भी कहीं कोई और समझकर तो बतिया नहीं लिए। फिर ट्रंप टीम ने ही स्पष्टीकरण दिया, बात हुई थी। हालांकि पाक ने बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर दिया, फिर भी चौंकाया तो ज़रूर।
पाकिस्तान पर रुख और रक्षामंत्री के चयन का समीकरण :  इधर, ट्रंप का चौंका देनेवाला कदम नए रक्षा मंत्री के चयन से भी साबित हुआ। जनरल जेम्स मैटिस। ये सेंट्रल कमांड संभालते थे। अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान को नज़दीक से समझते भी हैं। यहीं नहीं, कहा जाता है कि पाकिस्तानी सेना के जनरलों के साथ इनके बेहद शानदार रिश्ते हैं, बावजूद इसके कि उनके रहते ही जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ को पाक सरज़मीं से अमेरिकी सैनिकों को हटने का निर्देश देना पड़ा था। जनरल मैटिस के रक्षा मंत्री का मतलब ये भी लगाया गया कि ट्रंप पाकिस्तान के साथ नरम रवैया अपना सकते हैं। हालांकि ये कयास है क्योंकि नज़दीकी इसके उलट उद्देश्यों की पूर्ति के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है।

रूस और पुतिन को लेकर बदलते बयानों से चौंकाते हैं ट्रंप : रूस के साथ रिश्तों को लेकर भी ट्रंप के रुख की आलोचना अमेरिका में होती रही है। प्रचार के दौरान भी उन पर रूस से सांठ-गांठ के आरोप लगे, लेकिन वो बार-बार पुतिन को मजबूत नेता बताते रहे। राष्ट्रपति चुन लिए जाने के बाद सीआईए ने धमाका किया। ये कहा गया कि चुनाव में ट्रंप के पक्ष में रूसी खुफिया एजेंसी ने हस्तक्षेप किया था। इससे ट्रंप को मानो कोई असर नहीं पड़ा। उन्होंने नया धमाका किया है। एक्सन मोबिल के सीईओ रैक्स टिलरसन को विदेश मंत्री बनाने की बात चल रही है। टिलरसन रूस में खूब कारोबार करते आए हैं। पुतिन उन्हें रूस के सर्वोच्च सिविल सम्मान से नवाज चुके हैं, तो तय है कि ट्रंप अब रूस के साथ रिश्ते सुधारने पर अमादा हैं, जो क्रीमिया पर रूसी कब्जे के बाद बिगड़ गया था।
ट्रंप ने उठाए वन चाइना पॉलिसी पर सवाल : अब इधर उनका तरोताजा धमाका चीन को लेकर है। ये भारत के लिए भी अहम है। हिंद महासागर में उसकी धौंस को लेकर। माना जा रहा था कि ट्रंप इस पर कोई अलग रुख अपनाएंगे। हुआ इससे भी ज्यादा, ट्रंप ने अब वन चाइना पॉलिसी पर ही सवाल उठा दिए हैं। ताईवान के राष्ट्रपति से बातचीत के लिए हुई आलोचना के बावजूद उन्होंने ये बयान दिया है। ये भू-स्थैतिक समीकरण बदलने वाला बयान है। अमेरिका 1979 से ही वन चाइन पॉलिसी का हिमायती रहा है। इसके तहत वो ताईवान को चीन से टूट कर अलग हुआ एक हिस्सा मानता रहा है। चीन आधिकारिक तौर पर ताईवान को अपना भू-भाग समझता है। ट्रंप अगर इसे नकारते हैं तो भूचाल आना तय है।
बहरहाल, रूस से दोस्ती और भारत के साथ संबंधों को नई दिशा देकर ट्रंप चीन को घेर सकते हैं। हालांकि कथनी और करनी में फ़र्क होता है, पर, ट्रंप जिस विदेश नीति का खाका खींच रहे हैं उससे पहले से खिंची लकीरें बदल सकती हैं।


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