ई दिल्ली। आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को उसकी ही जनता बेनकाब कर रही है। पाकिस्तान में हुए छात्र संसद में एक छात्रा ने आतंकवाद और गरीबी के मुद्दे पर अपनी ही हुकूमत को आईना दिखाया। छात्रा ने आतंकवाद, गरीब और पाकिस्तान के मौजूदा हालात पर बेबाकी से अपनी राय रखी। मासूमों का दर्द बयां करते समय छात्रा भावुक हो गई और पाकिस्तान की जनता से देश के मौजूदा हालात पर सोचने की अपील की।
छात्र संसद में दिए अपने भाषण में छात्रा ने पाकिस्तान पर तंज कसते हुए कहा कि क्या पाकिस्तान सचमुच आजाद है। क्या हमें ऐसी ही आजादी चाहिए थी? ऐसी आजादी मुबारक हो। छात्रा ने कहा कि आतंकवाद के कारण पाकिस्तान की हालत बदतर होती जा रही है। पाकिस्तान में बच्चों के हाथों में कलम होनी चाहिए थी, लेकिन उन्हें आतंकी बंदूकें थमा रहे हैं। उन्हें यहां आतंक की तालीम दी जा रही है। इस छात्रा के जोशीले भाषण को हॉल में मौजूद लोगों से जमकर तालियां मिलीं।
वहीं गुरुवार को पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में चल रहे आतंकी कैंपों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आतंकी कैंपों को बंद करने की मांग की। मुजफ्फराबाद, कोटली, चिनारी, मीरपुर, गिलगित, दियमेर और नीलम घाटी के लोगों ने दावा किया कि इलाके में धड़ल्ले से आतंकियों के प्रशिक्षण कैंप चल रहे है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों के मुताबिक इन कैंपों की वजह से उनकी जिंदगी नर्क जैसी हो गई है। बच्चों को दहशतगर्दी की डोज दी जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर इन आतंकी कैंपों को खत्म नहीं किया गया, तो वो हालात अपने हाथ में लेने को मजबूर हो जाएंगे।
बता दें कि पाकिस्तान की जमीन से की आतंकी संगठन संचालित होते हैं। इन आतंकी संगठनों में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और तालिबान शामिल हैं। हालांकि पाकिस्तान हमेशा से ही अपनी जमीन के आंतकी गतिविधियों में शामिल होने से इनकार करता रहा है।

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